शिमला-कालका ट्रैक पर दौड़ा 112 साल पुराना स्टीम इंजन, विदेशी सैलानियों ने उठाया लुत्फ

शिमला : कालका-शिमला हेरिटेज रेल ट्रैक पर एक बार फिर 112 साल पुराना भाप इंजन दौड़ा। इस स्टीम इंजन को ब्रिटिश से आए 23 पर्यटकों के दल की बुकिंग पर उत्तर रेलवे ने चलाया। रेलवे पर्यटकों को बुकिंग पर ही इस स्टीम इंजन की यात्रा करवा रहा है। यह भाप इंजन 112 साल पुराना है। कालका-शिमला रेल मार्ग काफी पुराना है। इस मार्ग को वर्ष 2008 में यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल किया गया था।
जानकारी के मुताबिक सोमवार को भाप इंजन सुबह 9:50 बजे शिमला से रवाना हुआ। इस स्टीम इंजन को खास तौर पर इंग्लैंड से शिमला घुमाने आए पर्यटकों ने बुक करवाया और शिमला कालका ट्रैक की सुंदर वादियों का लुत्फ उठाया। इस दौरान ये  विदेशी सैलानी काफी उत्साहित दिखे। सैलानी जहां इस स्टीम इंजन को लेकर रेलवे के अधिकारियों से पूरी जानकारी ले रहे थे, वहीं इस स्टीम इंजन को अपने कैमरे में भी कैद कर रहे थे।  

इस स्टीम इंजन के सफर के दौरान विदेशी पर्यटक इतने रोमांचित थे कि उन्होंने इसे अपने जीवन का शानदार सफर बताया। इंग्लैंड से आए एक पर्यटक ने कहा कि इस स्टीम इंजन में सफर करना उनके लिए यादगार रहेगा। इसमें बैठकर उन्हें अपने पुराने दिनों का एहसास हुआ। पाल इंडिया के मालिक मोहित चोपड़ा का कहना है कि ये ब्रिटिश से दो ग्रुप आए हैं। ये  देश के सबसे पुरानी ट्रेन में सफर करने आए हैं। उन्होंने कहा कि इसका किराया रेलवे द्वारा तय किया गया है
ये है इतिहास
शिमला में पहली ट्रेन 9 नवंबर 1903 को पहुंची थी। उक्त इंजन इस ट्रैक पर 1907 में आया था। इस ट्रैक पर वर्ष 1970 तक भाप इंजन ही चलते थे। इसके बाद डीजल इंजन आने पर भाप इंजन बंद हो गए। लेकिन धरोहर के रूप में अब भी उत्तर रेलवे ने कुछ भाप इंजनों को संभाल कर रखा हुआ है। इनमें कुछ इंजनों को पर्यटकों की बुकिंग पर इस ट्रैक पर चलाया जा रहा है। ये इंजन अब सिर्फ शिमला से कैथलीघाट तक चलाया जा रहा है। 

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